उत्तर प्रदेश

राज्यसभा के लिए BJP में नामों की दौड़, कुमार विश्वास से स्मृति ईरानी तक चर्चा

Kavita2
29 Sept 2026 10:11 AM IST
राज्यसभा के लिए BJP में नामों की दौड़, कुमार विश्वास से स्मृति ईरानी तक चर्चा
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के अंदर प्रत्याशियों के नामों पर मंथन तेज हो गया है। राज्य की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। मौजूदा विधानसभा गणित के आधार पर भाजपा और उसके सहयोगी दल आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकते हैं। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश भाजपा की ओर से केंद्रीय नेतृत्व को संभावित उम्मीदवारों का एक विस्तृत पैनल भेजे जाने की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने करीब 24 से 25 नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा है। इसमें प्रत्येक संभावित सीट के लिए लगभग तीन-तीन नामों पर विचार किया गया है। हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक इस सूची को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व को करना है।

चर्चा में सबसे ज्यादा ध्यान कवि और पूर्व आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास के नाम पर है। रिपोर्ट्स में उनका नाम संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल बताया गया है। हालांकि पार्टी या कुमार विश्वास की ओर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

संभावित नामों की सूची में भाजपा की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी, बीएल वर्मा, राजवीर सिंह राजू भैय्या, सुब्रत पाठक, त्र्यंबक त्रिपाठी, दुर्विजय शाक्य, सुरेश राणा, गीता शाक्य, रेखा वर्मा और प्रियंका रावत जैसे कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पैनल में कौशल किशोर, कामेश्वर सिंह, दिलीप पटेल, अनिल अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, ममतेश शाक्य, रमापति राम त्रिपाठी, संजीव बालियान, सत्यपाल सिंह, बृजलाल, रामशंकर कठेरिया और प्रकाश पाल के नाम भी शामिल हैं। हालांकि इनमें से किन आठ नामों पर अंतिम मुहर लगेगी, इसका फैसला भाजपा केंद्रीय नेतृत्व करेगा।

उत्तर प्रदेश में इस बार कुल 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है। इनमें नौ सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है, जबकि एक सीट पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा के इस्तीफे के कारण पहले ही खाली हो चुकी है। दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था।

कार्यकाल पूरा करने वाले सदस्यों में भाजपा के कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल और बीएल वर्मा जैसे नेता शामिल हैं। समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव और बसपा से जुड़े सदस्य की सीट भी इस चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है।

भाजपा के सामने इस बार सबसे बड़ा सवाल यह है कि कितने मौजूदा सदस्यों को दोबारा मौका दिया जाए और कितने नए चेहरों को राज्यसभा भेजा जाए। पार्टी के अंदर संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नामों पर चर्चा चल रही है। खासतौर पर ब्राह्मण, पिछड़ा, दलित और अन्य सामाजिक समूहों के प्रतिनिधित्व को संतुलित करने पर जोर दिए जाने की खबर है।

स्मृति ईरानी का नाम इसी सामाजिक और राजनीतिक समीकरण के संदर्भ में चर्चा में बताया जा रहा है। वहीं हरदीप सिंह पुरी वर्तमान में राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय मंत्री हैं, इसलिए उन्हें दोबारा मौका मिलने की संभावना को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालांकि पार्टी ने इनमें से किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव का गणित भाजपा के पक्ष में मजबूत माना जा रहा है। भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या है, जिससे वे आठ सीटों पर उम्मीदवार जिता सकते हैं। समाजवादी पार्टी अपनी संख्या के आधार पर दो सीटों पर मजबूत स्थिति में है। हालांकि अतिरिक्त उम्मीदवार, क्रॉस वोटिंग या अन्य राजनीतिक रणनीति चुनाव को दिलचस्प बना सकती है।

नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। मतदान और मतगणना 16 अक्टूबर को होगी। इसलिए भाजपा को जल्द ही अपने उम्मीदवारों के नाम तय करने होंगे।

प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी में भी संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा हुई है। पार्टी नेतृत्व मौजूदा सांसदों के प्रदर्शन, संगठन के प्रति योगदान और आगामी विधानसभा चुनाव के राजनीतिक संदेश को ध्यान में रखते हुए अंतिम सूची तैयार करने की कोशिश कर रहा है।

कुमार विश्वास का नाम सूची में आने से राजनीतिक चर्चाएं और तेज हुई हैं। वे पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े थे और बाद में सक्रिय दलगत राजनीति से दूरी बनाकर साहित्यिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं। हालांकि उनके नाम को लेकर कोई औपचारिक पुष्टि नहीं है और रिपोर्ट्स में ही उनका नाम संभावित उम्मीदवार के रूप में बताया जा रहा है।

फिलहाल उत्तर प्रदेश भाजपा ने प्रत्याशियों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। करीब 25 नामों के पैनल में से आठ उम्मीदवारों का चयन केंद्रीय नेतृत्व करेगा। इसके बाद ही साफ होगा कि पार्टी मौजूदा सदस्यों पर भरोसा बनाए रखती है या नए चेहरों को राज्यसभा भेजकर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कोई नया राजनीतिक संदेश देती है।

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